Stepper Motor in Hindi : सरंचना , कार्य सिद्धान्त ,अनुप्रयोग , लाभ, हानि 

what is Stepper motor in hindi

Stepper Motor क्या है ? 

 जब एक सामान्य मोटर को सप्लाई दिया जाता है तो उसका Rotor लगातार Rotate करता है लेकिन Stepper मोटर में ऐसा नहीं होता है। स्टेपर मोटर का Rotor एक एक स्टेप में रोटेट करता है इसका मतलब यह है कि स्टेपर मोटर के जिस pole को हम सप्लाई देते हैं वह pole Energized होकर रोटर को उतना Angle तक घुमा देता है जितना Pole का Magnetic strength होता है।

“स्टेपर मोटर एक विशेष प्रकार का विद्युत मोटर है जिसका Rotor छोटे-छोटे Steps में Rotate करता है अर्थात इसका Rotor एक निश्चित कोण के गुणक में ही घूम सकता है।”

छोटे छोटे स्टेप में घुमने की वजह से ही इसे स्टेपर मोटर कहा जाता है।

Construction of Stepper Motor ( स्टेपर मोटर की सरंचना )

 सभी मोटरों की तरह इसमें भी Stator और Rotor होता है लेकिन इसका Rotor एक Special type Rotor होता है।

 इसके  Rotor दो प्रकार के हो सकते हैं।

  1. Single Stack Rotor
  2. Multi Stack Rotor

इसका Rotor, Permanent magnet का होता है। इसके Stator में No.of pole को ज्यादा रखते है तथा Rotor में No.of pole को कम रखा जाता है ताकि लॉकिंग की प्रक्रिया न हो। यह मोटर dc सप्लाई पर प्रचालित की जाती है।

construction of stepper motor

उपरोक्त चित्र में दिखाए  गए स्टेपर मोटर में स्टेटर में 4 pole और rotor में 2 पोल  है। चारो pole  A, B, C और D DC Source से जुड़े है। और ये एक स्विच का कार्य करते है।

Working of Stepper Motor ( स्टेपर मोटर का कार्य सिद्धांत )

अन्य दुसरे मोटर की तरह  स्टेपर मोटर का बेसिक कार्य सिध्दांत भी फैराडे के म्यूच्यूअल इंडक्शन सिध्दांत ही है।

लेकिन इसकी कार्य प्रणाली दुसरे सामान्य विधुत मोटर से बिलकुल भिन्न होती है।  स्टेपर मोटर के स्टेटर में विभिन्न स्लॉट बनाये हुए होते है जिनमे वाइंडिंग रखी हुई होती है। सॉफ्ट आयरन से इसके रोटर को बनाया जाता है जिस पर किसी भी प्रकार की वाइंडिंग नहीं होती है।स्टेटर में एक से ज्यादा वाइंडिंग लगी हुई होती है। स्टेटर वाइंडिंग में विधुत धारा को लॉजिक सर्किट के मदद से प्रवाहित किया जाता है। जब स्टेटर वाइंडिंग में विधुत धारा प्रवाहित होता है तब इसमे चुंबकीय फ्लक्स उत्पन्न हो जाता है जो रोटर के साथ लिंक कर जाता है। चुंबकीय फ्लक्स लिंक होने की वजह से रोटर पर एक बलाघूर्ण कार्य करने लगता है जिससे रोटर घुमने लगता है। 

लेकिन स्टेपर मोटर में स्टेटर के सभी वाइंडिंग में विधुत धारा को एक साथ प्रवाहित नहीं किया जाता है। मोटर को जितने स्टेप एंगल से घुमाना होता है उतने एंगल पर स्थित स्टेटर वाइंडिंग को ही विधुत धारा दिया जाता है। किसी निश्चित एंगल पर स्थित स्टेटर वाइंडिंग का चुनाव रोटर पर लगे हुए सेंसर द्वारा किया जाता है। सेंसर से मिले हुए सिग्नल के मदद से माइक्रो कंट्रोलर एक प्रॉपर वैल्यू का सिग्नल उत्पन्न करता है जिससे  मोटर को संचालित करने वाला  IC ऑन हो जाता है और रोटर उतने कोण से विस्थापित हो जाता है।

इस चित्र से आप समझ सकते है। 

variable reluctance stepper motor

रोटर  Permanent magnet का होता है अर्थात Rotar में कोई winding नहीं होता है। Rotor में N और S Pole होगा। स्टेटर के चारो pole पर वाइंडिंग किया गया है। स्टेपर मोटर में एक बार में एक ही pole को Excited करते है। ज़ब Winding  को Excited किया जाता है तो उसमे भी अपना फील्ड Generate होता है अर्थात N और S pole Create होता है। N और S में Attraction होता है। जिससे rotor कुछ Angle घूम जाता है। यह Angle ही step angle कहलाता है।

 Stepper Motor की Rotating करना आसान नहीं होता है इसके लिए कुछ Device का प्रयोग किया जाता है जैसे Pulse generator या driver circuit भी कहा जाता है।

Stepper मोटर की स्पीड को नियंत्रित करने के लिए driving modes का प्रयोग होता है। इस प्रकार से Stepper मोटर  के जिस pole को हम supply देते है वह पोल energized होकर rotor को कुछ angle तक घुमा देता है इसे ही Step Angle कहा जाता है।

Type of Stepper motor ( स्टेपर मोटर कितने प्रकार का होता है)

रोटर व्यवस्था के आधार पर स्टेपर मोटर को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है :-

  • वेरिएबल रेलुक्टांस स्टेपर मोटर (Reluctance Stepper Motor)
  • परमानेंट मैगनेट स्टेपर मोटर(Permanent Magnet Stepper Motor)
  • हाइब्रिड स्टेपर मोटर(Hybrid Stepper Motor)

Application of Stepper Motor ( स्टेपर मोटर के अनुप्रयोग )

  • इसका उपयोग रोबोट्स बनाने में किया जाता है। 
  • इसका उपयोग प्रिंटिंग मशीन में किया जाता है। 
  • इसका उपयोग वेल्डिंग मशीन में भी किया जाता है। 
  • इसका उपयोग लेथ मशीन में किया जाता है। 
  • इसका Xray मशीन में किया जाता है। 
  • सॅटॅलाइट में सोलर प्लेट के स्थिति नियंतरण में इसका उपयोग किया जाता है।

Advantage of Stepper Motor ( स्टेपर मोटर के लाभ )

स्टेपर मोटर के निम्न लाभ एवं हानि है :-

लाभ :

  • Stepper Motor का निर्माण सरल  होता है।
  • जब स्टेपर मोटर रुका हुआ होता है तब इसका यह अधिकतम टार्क उत्पन्न करता है।
  • यह  कम खर्चीला होता हैं।
  • इसका मेंटेनेंस खर्च बहुत कम होता है।
  • स्टेपर मोटर में  स्टार्टिंग  तथा नियंतरण सटीक होता है।

Disadvantage of Stepper Motor ( स्टेपर मोटर के हानि )

स्टेपर मोटर के निम्नलिखित हानि है.।

  • सामान्य डीसी मोटर की तुलना में इसे संचालित करने के लिए ज्यादा विधुत धारा की आवश्यकता होती है। 
  • जैसे जैसे स्टेपर मोटर की गति बढती टार्क कम होने लगता है। 
  • इसकी दक्षता बहुत कम होता है। 
  • उच्च गति पर स्टेपर मोटर का नियंत्रण मुश्किल होता है।

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