3 Types of insulator in Transmission lines – Important insulator

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Types of insulator

insulator मुख्यतः तीन प्रकार के होते है-

 

1. String Insulator 
2. Solid Post Insulator 
3. Hollow Porcelain Insulator

 

 

types of insulator

 

1. String Insulator 

 

ये कई प्रकार के इंसुलेटर से मिलकर बने होते है –

 

(a) Pin Insulator (Spindle)

(b) Shackle Type insulator

                OR

 Egg Type insulator

(c) Disc type insulator

(d) Suspension type insulator ( Strain )

(e) Tension Type insulator

(f) Long Rog type insulator

(g) V-String type insulator

(h) Stay type Insulator

 

Note-: ये सभी इंसुलेटर का प्रयोग डिस्ट्रीब्यूशन में किया जाता है –


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(a) Pin Insulator (Spindle) 

 

Pin Insulator प्रायः पोर्सिलेन पदार्थों का बना होता है , नमी तथा वायुमंडलीय गैसों के प्रभावों से बचाने के लिए विद्युत रोधक की सतह पर Glazed कर दिया जाता है –

 

इसके निचले सिरे पर जास्तीकृत इस्पात की एक पेंचदार कील ( Cemented ) रहती है जिसे स्क्रू की सहायता से cross arm में कस दिया जाता है – विभिन्न वोल्टताओं के लिए Pin Insulator की डिज़ाइन भिन्न -भिन्न आकारों एवं आकृतियों में की जाती है। प्रायः 25KV तक की Voltage के लिए Single Pice का प्रयोग कर सकते है। 
 
Pin Insulator ( पिन इंसुलेटर ) का प्रयोग वोल्टा के अनुसार
क्र० सं० K Volt ( Voltage) Pice Remark
1 25 KV 1 Economical
2 (25-30)KV 2 Economical
3 (30-66)KV 3 Non-Economical
4 (66-80)KV 4 Non-Economical

 

नोट – 4 Pice या उससे अधिक pice बनाने में ये काफी भारी हो जाता है तथा इनका Mechanical Strength घट जाता है , तथा ये Un-Economical होते है। 
Pin Type Insulator की आंतरिक संरचना –

 

(b) Shackle type Insulator 

इस प्रकार के इंसुलेटर का प्रयोग 650V (low Voltage) के नीचे वोल्टेज स्तर के लिए प्रयोग किया जाता है-
इनका प्रयोग Distribution लाइन की दिशा बदलने के लिए तथा Distribution लाइन के ख़त्म होने पर इस type के इंसुलेटर का प्रयोग किया जाता है। 
इन्हें Spool ,reel ,चरखी आदि नाम से भी जाना जाता है –
 इसका प्रयोग Direct Cross Arm पर या D- टाइप के ब्रैकेट का प्रयोग करके किया जाता है-
इसमें लाइन कंडक्टर को खाँचों में लपेटा जाता है-

(c) Disc type insulator

इस type के इंसुलेटर की आकर्ति Disc के आकार की होती है। 
ये अधिकतर पोर्सिलेन के बने होते है तथा आजकल इन्हें glass के बनाये जाते है इसी इंसुलेटर की सहायता से Suspention type insulator ,tenstion type insulator एवं V-String type insulator बनाये जाते है। 
      इनका Single Pice Distribution में Use किया जाता है। 

(d) Suspension type insulator

इस टाइप के इंसुलेटर का प्रयोग ट्रांसमिशन लाइन में किया जाता है। कई Disc insulator को जोड़कर एक string तैयार की जाती है तथा इस string को टावर के ऊर्ध्वाधर लगते है तो इस इंसुलेटर को Suspention type insulator कहते है इसकी प्रत्येक डिस्क की संरचना 11KV Voltage के लिए किया जाता है। 
Disc insulator को दो प्रकार से कनेक्शन किया जाता है –

(i) Ball and socket connection

(ii) Pin and clevis connection

 

Advantage of Suspention Type Connection

1. Pin insulator को अधिक से अधिक 80KV तक voltage के लिए प्रयोग किया जा सकता है। 
2. जबकि Suspention type insulator का प्रयोग High Voltage ( 765KV ) तक प्रयोग किया जा सकता है।
3. Line की voltage बढ़ने पर No. Of Disc को बढ़ाया जा सकता है है जबकि Pin Insulator में ऐसा नहीं है। 
4. Suspention type इंसुलेटर के Disc Replacement किये जा सकते है जबकि अन्य इंसुलेटर में Replacement की सुविधा नहीं होती है।   

disadvantage of Suspention Type Connection 

1. Disc type Insulator का प्रयोग high Voltage से ( लगभग 50KV ) से ऊपर होता है , तो Economical साबित होता है उसको नीचे Use करने पर खर्च अधिक आता है। 

2. इसको Use करने पर Sag बढ़ जाता है। 
3. Cross Arm को बड़ा लगाना पड़ता है क्योंकि Sag बढ़ने के कारण Conductor एक दूसरे के समीप आने का डर बना रहता है –


Application -:

Disc Type Suspention Insulator का प्रयोग High Voltage ( 33KV-800KV) तक के Overhead line में प्रयोग किया जाता है।  



(e) Tension type insulator

OR 

Strain Insulator 

Vertical type Suspention type insulator के string की स्थिति को जब Horizontal Position में प्रयोग किया जाता है तो यह Tention Type Insulator कहलाता है। 
इनका प्रयोग HIgh वोल्टेज Overhead transmission लाइन में किया जाता है। 
प्रायः इनका प्रयोग Starting Point , Terminating Point एवं End Point पर Use किया जाता है। 
इसके इलावा इसका प्रयोग नदी ,नहर ,नाले ,तालाब,पठार ,घाटी आदि को भी पार करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। 
जहाँ पर अधिक तनाव बल ( tenstion strength ) की जरुरत होती है वहाँ पर इन्हें parallel जोड़कर Use किया जाता है। 

(f) Long Rod insulator

 

यह Dice प्ररूपी Suspention Type Insulator का एक विकसित रूप है इसमें पोर्सिलेन की एक लम्बी Rod प्रवेशित रहती है ,जिसमे दोनों सिरों पर Matelic Cap Cemented रहती है।  इसी लम्बी Rod के कारण इसे Long Rod Insulator कहते है। 
इसका अधिकतम प्रयोग विदेशों में किया जाता है। 
आजकल भारत में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

Advantage of Long Rod Insulator -:

 

1. इसमें पंचर होने की सम्भावना बहुत काम होती है क्योंकि इसमें  पोर्सिलेन की रॉड लगी होती है। 
2. Suspention Type Insulator की अपेक्षा ये जलवायु प्रभावों से मुक्त होते है। 
3. इनका प्रयोग Suspention Insulator के स्थान पर श्रेष्ठ माना  जाता है।  

 

 

 

(f) Special High Voltage insulator

400KV तक तथा इससे अधिक वोल्टेज के लिए Suspention insulator का Use किया जाता है लेकिन 400KV से ऊपर वाले Voltage में Special High Voltage Insulator Use किया जाता है। 

 

(i) V-String type Insulator -: 

 

(ii) Stay Insulator -:

इसका प्रयोग Gay Wire के साथ खम्भो को बांधने के लिए किया जाता है। इसका मुख्य purpose leakage करंट को रोकना होता है। 

2. Solid Post Insulator 

 

यह Insulation पदार्थ से निर्मित Insulator की संरचना Pin Insulator के सामान ही होता है Pin Insulator की तुलना में या पतला तथा कई pice से मिलकर बना होता है। 
 
इसका प्रयोग प्रायः knife switch insulator के प्रतिस्थापन के लिए तथा Suspentions Station पर होता है। 
  

3. Hollow Porcelain Insulator 

Hollow Porcelain Insulator को Bushing Insulator भी कहते है। ये Porcelain निर्मित होते है। 
इसका प्रयोग Transformer की Bushing , Ckt ब्रेकर तथा वैद्युत मशीनो से लाइन वायर बाहर निकालने के लिए इनका प्रयोग किया है। 

 

 

failure of insulator -:

 

1. Cracking of insulator 
2. Porcelain Insulator में छिद्र होना 
3. Improper Verfication
4. Flashover 
5. Mechanical Stress
6. Sort ckt
7. Deposition of Dust
Minimum Number Of Disc in Transmission Line
Operating Voltage No. Of Disc ( Suspention ) No. Of Disc ( Tension )
11KV 1    1
33KV 2 3 Disc
66KV 5 6 Disc
132KV 9 10 Disc
220KV 14 15
400KV 21 22


Note- : यहाँ पर मैंने आप सभी को Types of insulator के बारे में विस्तार से बताया है –

TO BE Continued ……….

 

अगले पोस्ट में हम सभी Suspention इंसुलेटर पर विभव वितरण सीखेंगे – साथ ही जानेंगे की स्ट्रिंग effecinecy क्या होता है –

 

और कुछ टर्मिनोलॉजी है उसे भी देखेंगे –

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